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रूट कैनाल ट्रीटमेंट को विस्तार से जानें :I Dentist (i3)

रूट कैनाल ट्रीटमेंट

दांत के संक्रमण के लिए रूट कैनाल सबसे सही इलाज है। दंत चिकित्सा विज्ञान का प्रयास होता है प्राकृतिक दांतों को जहां तक संभव हो सुरक्षित रखा जाए। पहले दांतों में कीड़ा लगने पर धातुओं से उन्हें भरा जाता था या फिर बहुत खराब हो जाने पर दांत को ही निकाल दिया जाता था। लेकिन अब कीड़ा लगे दांतों को बचाने में रूट कैनाल ट्रीटमेंट बहुत कारगर इलाज के रूप सामने आया है। तो चलिये जानें रूट कैनाल पद्धति से जुड़ी जरूरी जानकारियां….

रूट कैनाल पद्धति मे क्या होता है?

रूट कैनाल एक ऐसा इलाज है जसमें क्षतिग्रस्त या संक्रमित दांत को निकालने के जगह उसकी मरम्मत की जाती है। शब्द “रूट कैनाल” दांत की जड़ के अंदर की कैनाल्स (canals) की सफाई से आता है। दशकों पहले, रूट कैनाल उपचार अक्सर दर्दनाक होता था। लेकिन अब नई तकनीक और लोकल एनेस्थेटिक्स की मदद से लोगों को दर्द कम ही होता है। 

रूट कैनाल और रूट कैनाल ट्रीटमेंट को समझें

दांत के 3 भाग होते हैं, बाहरी भाग इनेमल, फिर दांत का मुख्य भाग डेंटीन और फिर दांतों का नर्म गूदा। नस एवं रक्त वाहिकाएं दांतों की जड़ (एपेक्स) के पास से अंदर जाती है और फिर जड़ के कैनाल से होते हुए पल्प चैंबर तक पहुंचती है। दांतों का दिखाई देने वाला मुकुट (क्राउन), के भीतर पल्प चैंबर होता है। रूट कैनाल उपचार में दांत के सूजे या संक्रमित पल्प को हटा दिया जाता है। रोग ग्रस्त (संक्रमित) पल्प को हटाने के बाद उस खाली जगह को साफ किया जाता है, और फिर उसे सही आकार देकर भरा जाता है। रूट कैनाल उपचार आने से पहले रोगग्रस्त दांत को निकाल दिया जाता था, लेकिन अब दांत निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। 

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Your Poor Dental Hygiene Can Lead To PYORRHEA (Gum Infection).http://healthfeed.medishala.com/oral-trauma-a-medical-emergency/

इलाज के दौरान एवं बाद की सावधानियां

यदि रूट केनाल उपचार का सही लाभ लेना चाहते हैं तो सबसे जरूरी बात की उपचार अधूरा नहीं छोड़ें, चिकित्सक द्वारा दिए गए समय पर अवश्य जाएं (टलाएं नहीं), चिकित्सक की सलाह के अनुसार फिलिंग या कैप अवश्य लगवाएं और साफ साफाई का पूरा ध्यान रखें। यदि चिकित्सक द्वारा कोई एंटिबायोटिक दवा दी गई है तो बताए गये समय तक उसे लें।

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